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बिहार में ‘सात निश्चय-3’ योजना: पांच नए एक्सप्रेस-वे निर्माण की तैयारी, यात्रा समय और कनेक्टिविटी में सुधार होगा
- Reporter 12
- 23 Jan, 2026
बिहार सरकार ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत पांच नए एक्सप्रेस-वे बनाने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य के सड़क नेटवर्क को आधुनिक और तेज़ बनाना है, जिससे पटना सहित अन्य जिलों की यात्रा समय कम हो और व्यापार, उद्योग, कृषि तथा पर्यटन को गति मिले। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और दो वरिष्ठ इंजीनियरों को महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश भेजा ताकि वहां के एक्सप्रेस-वे निर्माण की प्रक्रिया, मॉडल और प्राधिकरण के अनुभव का अध्ययन किया जा सके। इस अध्ययन के आधार पर बिहार में निर्माण के लिए फंडिंग मॉडल, प्राथमिक रूट और जिलों का चयन तय किया जाएगा। महाराष्ट्र और यूपी में एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए विशेष प्राधिकरण बनाए गए हैं, बिहार सरकार भी इसी मॉडल पर अपने स्तर पर प्राधिकरण बनाने पर विचार कर रही है। एक्सप्रेस-वे के निर्माण में यह ध्यान रखा जाएगा कि एक जिले से कई जिलों की संपर्कता बनी रहे और पटना तक यात्रा का समय घटे। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण कम से कम और प्रभावी तरीके से किया जाए। फंडिंग के मामले में PPP मॉडल या सीधे सरकारी निवेश के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। राज्य में पहले से केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित चार एक्सप्रेस-वे परियोजनाएँ हैं, जिनमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे और वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे शामिल हैं। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा समय कम होगा बल्कि नेपाल सहित उत्तर पूर्वी राज्यों और पश्चिम बंगाल के बंदरगाह से बिहार के कनेक्शन मजबूत होंगे। अधिकारी कहते हैं कि अध्ययन यात्रा और प्राधिकरण निर्माण यह संकेत देता है कि सरकार इस योजना को गंभीरता से लागू करने और जल्दी क्रियान्वित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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